सन्त सतगुरू के सतसंग और उनके उपदेश से प्राप्त होगी
सन्त सतगुरू के सतसंग: जहाँ तक यह बात कि उसके भोग सब नाशवान हैं, परिवार और सम्बन्धी लोग सब स्वार्थ के मित्र हैं और इसमें किसी को सच्चा और पूरा सुख प्राप्त नहीं है, चित्त में प्रवेश करती जायेगी और अनुभव से उनकी सूचना होती जायेगी, वहाँ मन व्यर्थ के बन्धनों को तोड़ देगा और […]
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