गुरु वचनों को (Guru Vachno Ko) रखना संभाल के आगे नहीं मिलेंगे, जाने के बाद

गुरु वचनों को (Guru Vachno Ko) रखना संभाल के

जो दौलत मिल रही है आगे नहीं मिलेगी गुरु के जाने के बाद, गुरु वचनों को (Guru Vachno Ko) रखना संभाल के आगे नहीं मिलेंगे, गुरु सरूपी परमात्मा हमारी तरफ देख रहा है। गुरु महाराज ने कहा भी था कि जो दौलत मिल रही है आगे नहीं मिलेगी, गुरु के जाने के बाद हम पीछे …

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काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार आने पर सतसंगी का कर्म

काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार आने पर

काम क्रोध लोभ मोह अहंकार यह मनुष्य शरीर के विकार, यह कैसे विकसित होते हैं? इन्हें कैसे शांत कर सकते हैं? क्या सत्संग वचनों से हम इन विकारों से बच सकते हैं? कैसे हम अपने जीवन में संतोष पा सकते हैं? काम क्रोध लोभ मोह अहंकार यह मनुष्य के अंदर छिपे हुए अंदरूनी अवगुण रूपधारी …

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इस मानव अनमोल तन (Anmol Tan) से गुरु की निन्दा स्वप्न में भी नहीं,

सतयुग पर बाबा जयगुरुदेव जी का ज़रूरी संदेश

इस मानव अनमोल तन (Anmol Tan) से अपने किए हुए गुनाहों की माफी मांग सकते हैं। अपने बैराग और विवेक से एक रास्ता तय कर सकते हैं भविष्य के लिए प्रार्थना कर सकते हैं। गुरु की निंदा सपने में भी नहीं करना चाहिए, गुरु स्वरूप के आगे साधना करके हम मनुष्य अनमोल तन को सफल …

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गुरु की कृपा से शिव नेत्र खुलने पर गुरु दर्शन का फल

गुरु की कृपा से शिव नेत्र खुलने पर गुरु दर्शन का फल

गुरु की कृपा जब होती है एक साधक पर, जब गुरु के बताए हुए नियमों पर चलते हैं और जब शिव नेत्र खुलता है गुरु की दया देखने को मिलती है। वास्तव में गुरु दर्शन का फल हमारे जीवन में कितना बड़ा फायदा होता है? यह सब जिन्होंने गुरु का दर्शन किया है ह्रदय भाव …

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सुरत शब्द की साधना अंतर की कमाई के लिए कैसे तैयार हो सकते

सुरत शब्द की साधना

सुरत शब्द की साधना के लिए हम कैसे तैयार हो सकते हैं? क्योंकि जब पूरा गुरु मिल जाता है तब हम सुरत शब्द की साधना से कुछ कमाई कर सकते हैं। इस संसार की चमक दमक देखकर ग्राहक फंस जाते हैं उसी तरह से एक साधक भी संसार के चमक दमक को देखकर के अंतर …

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मन तरंग को जो रोकेगा वही पारस मणि पा जावेगा

मन तरंग

मन तरंग को जो रोकेगा वही पारस मणि पा जावेगा। अपने मन को बस में करने से अमर हो जाते हैं। मन में जब मणि का प्रकाश हो जावे, तभी तीनों लोक में उजाला ही उजाला हो जाता है। गुरु के वचनों में लीन जो भी होगा उसका आवागमन नष्ट निश्चय हो जावेगा। मनुष्य तन …

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संतों का देश सतलोक अविनाशी पुरुष की महिमा-Santo Ka Desh

संतों का देश

Santo Ka Desh: महानुभाव जयगुरुदेव इस आर्टिकल के माध्यम से आप जानेंगे संतों का देश सतलोक अविनाशी महापुरुष की महिमा का वर्णन जो सटीक शब्दों में Santo Ka Desh Nirala है। महापुरुषों ने संतो के देश की व्याख्या की है सतलोक और अविनाशी महापुरुष के वर्णन के बारे में कुछ महत्त्वपूर्ण वाक्य जो अपने सत्संग …

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