बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणी प्रचार प्रसार कब से शुरू किया?

Jai Gurudev
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जय गुरुदेव, बाबा जयगुरुदेव का प्रचार प्रसार और उनकी कुछ महत्त्वपूर्ण भविष्यवाणियाँ जो उन्होंने अपने अनुयायियों को सत्संग में सुनाएँ। इस पोस्ट में आप जानेंगे यह सत्संग वाणी सत्संग पुस्तका से कुछ महत्त्वपूर्ण अंश लिए गए हैं। पोस्ट को पूरा पढ़ें चलिए शुरू करते हैं।

बाबा जयगुरुदेव का प्रचार प्रसार

परम संत बाबा जयगुरुदेव जी महाराज ने पूरा जीवन धर्म के उत्थान और समाज को नया रास्ता देने में और परमारथ का रास्ता जोड़ने में पूरा जीवन व्यतीत किया। परमार्थ का उद्देश लेकर बाबा जयगुरुदेव जी ने 10 जुलाई 1952 को वाराणसी से सत्संग का शुभारंभ किया।

जैसे कि प्रत्येक महात्माओं के साथ होता रहा, बाबा जी के मानने वाले हुए तो विरोध करने वाले भी खड़े हो गए पर बाबा जी की ओजस्वी वाणी सभी प्रतिरोधी अवरोधों को पार करते बढ़ने लगी। गाँव नगर शहर प्रांत में सत्संग की धारा प्रवाहित होने लगी, उस समय बाबा जी ने कहा था सत्संग की जो धारा चल पड़ी है वह नदी नाले के रूप ग्रहण करते समुद्र का रूप ले लेगी।

वह बात आज शत प्रतिशत उतर रही है। वर्ष 1968 में दक्षिण भारत पर्यटन का कार्यक्रम बना और बाबा जी का काफ़िला अनेक प्रांत और नगरों में गया और व्यापक प्रचार होगा। सन 70 71 72 के जन जागरण कार्यक्रम में बाबाजी के अनुयायियों की संख्या 20 करोड़ तक पहुँच गई. संतो के इतिहास में बाबा जयगुरुदेव ने अपना अकेला और अनूठा पृष्ठ निर्माण किया।

बाबा जी की वाणी

बाबा जी की वाणी जनमानस में उतरने लगी। सत्संग की धार चौमुख होकर बहने लगी। आत्मा कल्याण समाज सुधार तथा चारों ओर से सत्संग की धार फूटी. इसलिए बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए. सन् 1970 से 1975 तक कार्यक्रम की धूम सारे देश में मच गई. 1200 मील की साइकिल यात्रा नवंबर 1970 में गोरखपुर उत्तर प्रदेश से प्रारंभ हुई और अनेक स्थानों पर डालती हुई दिल्ली पहुँची।

बाबा जी ने कहा कि आप सभी लोग इस जन-जागरण को देखकर स्वयं पता लगा लें विश्व में एक परिवर्तन होगा, लोगों को शाकाहारी बनना होगा। तोड़फोड़ हड़ताल निंदा एवं इंसानों से अलग अपनी भूली हुई आत्मा को परमात्मा तक पहुँचाएँ। अगर आप ऐसा नहीं करोगे तो एक समय ऐसा भी आने वाला है कि आदमी की लाश उठाने के लिए आदमी नहीं मिलेगा।

यह दृश्य आपको देखने को मिलेगा। अभी मिला है वर्तमान में भी इस भविष्यवाणी को पूर्ण रूप से सिद्ध किया गया है। सभी राष्ट्रों में भारी कला होगी सन 1971 तक मुसलमान आपस में लड़ना शुरू कर देंगे। सन 1971 में पंद्रह सौ मील की साइकिल यात्रा 25000 प्रेमियों की सोनपुर बिहार से निकल गई यात्रा दिल्ली तक गए ।

रामलीला मैदान में यात्रियों का स्वागत

दिल्ली के महापौर हंसराज जी गुप्ता ने रामलीला मैदान में यात्रियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि गत वर्ष 1970 में जब काफ़िला यहाँ आया था तब मैं स्वामी जी के व्यक्तित्व से इतना प्रभावित हुआ था कि इस बार मेरे दिल इच्छा यही है कि मंच पर ना जाऊँ और आप लोगों के साथ ज़मीन पर ही बैठे-बैठे लेकिन लोगों ने मेरे इस अनुरोध को नहीं माना मुझे मंच पर आना ही पड़ा।

उन्होंने कहा है कि बाबा जी साधारण इंसान नहीं है। उनमें कोई अलौकिक शक्ति काम कर रही है। आप भी सभी लोगों का सौभाग्य है कि आप ऐसे महापुरुष के चरणों में बैठे हुए हैं। दिल्ली की जनता तथा अपनी ओर से लाखों धर्म यात्रियों का स्वागत करता हूँ। बाबा जी ने महापौर को विश्वास दिलाया कि आपके नगर में यह यात्री किस प्रकार आंदोलन तोड़फोड़ हड़ताल नहीं करेंगे और ना ही किसी प्रकार का नुक़सान करेंगे।

यह लाखों तीर्थयात्री बिहार उत्तर प्रदेश राजस्थान तथा मध्य प्रदेश की ऊंची नीची पहाड़ियों को पार करते हुए हजारों मील की यात्रा करते हुए साइकिल से आपके नगर में आए हैं। यात्री देश में प्यार का सेवा का सद्भाव का हिस्सा का प्रचार करेंगे और अब जमाना बदलेगा।

बाबा जी की मलाया विदेश यात्रा

सन 1971 में बाबा जी ने मलाया की विदेश यात्रा की, मलाया की चर्चा करते हुए बाबा जी ने कहा मलाया जैसे छोटे देश में भारत के लोगों का बहुत धन जमा है। एक बैंक मैनेजर का हवाला देते हुए स्वामी जी ने बताया कि उसने कहा अगर 1-2 अकाउंट का पैसा भारत के विकास में लगा दिया जाए तो भारत संपन्न हो जाएगा।

वहाँ कानून व्यवस्था सुदृढ़ है। लोगों में अनुशासन अधिकारी कर्मचारी अपना काम पूरी निष्ठा से करते हैं। उसमें किसी का दखल अंदाजी नहीं होती है। अगर किसी का सामान सड़क पर गिर जाए तो उन्हें जाकर थाने में सूचना देनी पड़ती है। भारत में 1 जनवरी 1973 को जय गुरुदेव की धर्म ध्वजा फहराया गई,

जयगुरुदेव आश्रम मथुरा में भी उल्लास भरे वातावरण में स्वामी जी महाराज ने झंडा फहराया .1 जनवरी 1973 एक महत्त्वपूर्ण धर्म के इतिहास में, कर्म के इतिहास में, राजनीति के इतिहास में, समाज के इतिहास में, बन गया। बाबा जी ने 16 दिसम्बर 1972 में मथुरा में घोषणा की कि भारत में 20 करोड़ों का जन जागरण पूरा हो गया।

भगवान का विधान कभी नहीं बदलता है

बाबा जी ने कहा भगवान का विधान कभी नहीं बदलता है और ना ही अमिट है। इसे कोई बदल सकता है तो संत सद्गुरु बदल सकते हैं। काल के देश में कर्म फल ज़रूर मिलेगा। जैसे कि नियम है केवल संत ही कर्मों का माफ़ करते हैं कर देते हैं। यह जन जागरण तुम्हारी कर्म को ख़त्म करने के लिए किया गया है।

भारत धर्म प्रधान देश है धर्म की किरणों भारत से निकल कर पूरे विश्व में फैलेगी, भारत का धर्म राज ना केवल भारत पर होगा बल्कि संपूर्ण विश्व में भारत का खंड राज्य होगा। यह झंडा उस का प्रतीक है। 24 घंटे तक लहराए फैलाने वाले धर्म ध्वजा क्या कहेगा जमाना बदलेगा।

आगे वक़्त बताएगा 18 से 22 फरवरी सन 1973 के कार्यक्रम में 20 फरवरी को चित्रकूट मंदाकिनी तट पर बाबा जयगुरुदेव ने बच्चों तथा नए युग का निर्माण शिलान्यास किया। बाबा जी ने उन बच्चों का आवाहन किया जो रामकृष्ण बुध कबीर की तरह इस दुनिया में अवतरित होंगे।

बाबा जी के आह्वान पर

बाबा जी के आह्वान पर प्रमोदवन के मंदाकिनी तट पर आयोजित कार्यक्रम में भारी संख्या में विद्यार्थी नौजवानों से साधु संत महात्माओं ने भाग लिया। बाबा जी के बहुत से कार्यक्रम अनेक प्रांत में चल रहे। बाबा जी ने कहा कि आप सभी देशवासियों ने अपने चरित्र को गिरा दिया है। यदि परिवार में एक शराबी रहता है तो उससे पूरे परिवार परेशान रहता है।

जिस मोहल्ले और गाँव में 2-4 शराबी हो गए तो पूरा मोहल्ला परेशान हो जाता है। आज देश के अंदर 90% लोग शराबी और दुराचारी हो चुके हैं। जिस धर्म प्रधान देश में इतने लोग बुरे व्यसनों में फंस गए हैं। उस देश का शासन कैसे नियमित रह सकता है। ख़ुद भी शराब पीते और तुम्हें भी शराब पिलाकर पागल बनाती चली जा रहे हैं।

मांस मछली अंडा खाकर शराब पीकर आप भी अपनी बुद्धि को गिरवी रख चुके हैं। कानून की नई धारा नित्य बदल रही है। कुदरत के नियम में दखल देना तुम्हारा काम नहीं है, लेकिन आज सभी लोग उस कार्य में लग पड़े हैं। परिवार नियोजन और गर्भपात कराना मनुष्य के पतन की चरम सीमा है।

पापों का घड़ा भर चुका है

पापों का घड़ा भर चुका है और अब फूटने वाला है। जीवन नौका बीच मझधार में डगमगा रही है। चाहे आप डूबे या तब डूबे इतनी ही देर है। भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जब तक शाकाहारी नहीं होंगे, तब तक देश का भला नहीं होने वाला है। कोई भी बात में इस मंच से कहूंगा वह ग़लत नहीं होगी।

अब तक जो भी मैंने पहले कहा और उसमें से बहुत कुछ आपको देखने को मिला। पूर्वी पाकिस्तान के समाप्त होने की बात कई वर्ष पूर्व मैंने कही थी और वह समाप्त हो गया। लाशें पड़ी रहेगी उठाने वाला नहीं मिलेगा। आपने देखा है कि सब घटना घटित हुई.

आगे पश्चिम की लड़ाई होगी वह भारी नर्सिंगहार होगा। पश्चिम के पाकिस्तान का भी कुछ होने वाला है। फिर उत्तर की लड़ाई होगी और उसके बाद दक्षिण में होगी। इसके बाद चारों तरफ़ बजेगा भविष्य में सभी संस्थाएँ आपको भारत के अनेक राजनीतिक समाप्त हो जाएंगे।

क्या होगा कैसे होगा

क्या होगा कैसे होगा यह आपको समय बताएगा, ऐसे लोग पैदा हो गए जो प्लेटफार्म पर आएंगे वह संगठित होकर तुम्हारे बीच आ जाएंगे। शक्ति तो उनमें पहले से मौजूद है कि केवल थोड़ा उधार देना होगा। इससे काम करने लगेंगे ऐसे भी हो सकता है कि आगे आने वाला शासन भारत के संविधान को बदलने संविधान का निर्माण करेगा।

भारत धर्म प्रधान देश है। आध्यात्मिक शक्तियों का देश है जो लोग इसे मिटाने का प्रयत्न करेंगे वह स्यम मिट जाएंगे। दूसरे देशों से पाकिस्तान बड़े-बड़े खतरनाक बम में मिल चुके हैं। आपकी लड़ाई अगर उस में कीटाणु बम का प्रयोग किया।

जिसमें स्त्री बच्चे जानवर आदि मरने लगे तो उस वक़्त कुदरत की तरफ़ से ऐसी आंधी उल्टी चलेगी, जिससे सारे के सारे कीड़े वहीं चले जाएंगे जहाँ से बम फेंका गया होगा और वहाँ के लोगों का सफाया हो जाएगा। मुसलमान अपनी धर्म पुष्पों को देखें कि उसमें क्या लिखा है।

बाबा जय गुरुदेव भविष्यवाणी

पोस्ट निष्कर्ष

दोस्तों महानुभाव इस पोस्ट में आपने परम संत बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के द्वारा किए गए प्रचार-प्रसार का शुभारंभ और कुछ महत्त्वपूर्ण भविष्यवाणियों को जाना है। यह बाबा जयगुरुदेव जी की कुछ पुस्तकों के अंश हैं। आशा है आपको हमारी यह पोस्ट ज़रूर पसंद आई होगी। अपने दोस्तों के साथ इस धर्म सन्देश को ज़्यादा से ज़्यादा सांझा करें, जय गुरुदेव आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

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2 thoughts on “बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणी प्रचार प्रसार कब से शुरू किया?”

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